जंतर-मंतर पर दमन और गिरफ्तारियों के खिलाफ पदयात्रियों की आवाज़ बुलंद – 9वां दिन

जंतर-मंतर पर लोकतंत्र की आवाज़ उठाने वालों के दमन और गिरफ्तारियों के खिलाफ पदयात्रियों ने बुलंद की आवाज़

‘जहाँ पड़े कदम गांधी के, एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा बर्धमान शहर पहुँची

बर्धमान, शनिवार 10 अक्टूबर 2026। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को कोलकाता के बेलेघाटा स्थित गांधी भवन से शुरू हुई ‘जहाँ पड़े कदम गांधी के, एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा अपने नौवें दिन कलानबग्राम स्थित शिक्षा-निकेतन से आगे बढ़ते हुए बर्धमान पहुँची। सर्व सेवा संघ एवं अन्य लोकतांत्रिक संगठनों के संयुक्त आयोजन में निकाली जा रही यह पदयात्रा प्रेम, शांति, अहिंसा, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। 16 अक्टूबर को यह यात्रा शांतिनिकेतन पहुँचेगी। देश के लगभग 15 राज्यों से आए पदयात्री इस यात्रा में भाग ले रहे हैं।

पदयात्रा में शामिल साथियों ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा संविधान के अनुरूप पूरी चुनावी प्रक्रिया को सुसंगत बनाने की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले लोगों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई, कथित दमन और हजारों लोगों की गिरफ्तारियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। पदयात्रियों ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से उठाना नागरिकों का अधिकार है। ऐसे आंदोलनों के प्रति दमनकारी रवैया अपनाना संविधान की भावना और नागरिक अधिकारों के विरुद्ध है।

मोहब्बत और अमन की पदयात्रा में शामिल यात्री दल सरकार की संविधान-विरोधी और नागरिक अधिकार-विरोधी भूमिका से अत्यंत मर्माहत और हैरान है।  पदयात्रियों ने इस कार्रवाई पर दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि देश में सच्चाई और लोकतंत्र की जीत होनी चाहिए।

सर्वधर्म प्रार्थना से हुई दिन की शुरुआत

यात्रा के नौवें दिन की शुरुआत सुबह सात बजे कलानबग्राम के चौक पर सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी एकत्रित हुए। ग्रामीणों के बीच पदयात्रा के संदेश से जुड़े पर्चे वितरित किए गए। 

प्रार्थना के बाद पदयात्री नारों और जनगीतों के साथ बर्धमान की ओर रवाना हुए। कोलकाता से आए साथी बिप्लब नायक पूरे रास्ते लोगों को यात्रा के उद्देश्य और उसके संदेश से परिचित कराते रहे। तेज धूप और कठिन परिस्थितियों के बावजूद पदयात्रियों का उत्साह बना रहा। रास्ते में बंगाल के कई युवा साथी यात्रा से जुड़े और अपने गीतों के माध्यम से यात्रा को नई ऊर्जा प्रदान की।

कर्ज़न गेट पर नुक्कड़ सभा, जनगीतों से दिया शांति और प्रेम का संदेश

दोपहर करीब एक बजे पदयात्रा बर्धमान के ऐतिहासिक कर्ज़न गेट को पार करते हुए शहर के बाजार क्षेत्र में पहुँची, जहाँ दोपहर का पड़ाव हुआ। शाम को कर्ज़न गेट के निकट नुक्कड़ सभा आयोजित की गई। पदयात्रियों ने नारे लगाते हुए बाजार में मार्च किया और आम लोगों के बीच पर्चे वितरित कर यात्रा के उद्देश्यों को साझा किया।

सभा में बिप्लब नायक ने पदयात्रा की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और गांधीवादी मूल्यों की वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मध्य प्रदेश के शहडोल से आए इस्तियाक भाई और राजस्थान से आए जगदीश कुमार ने सांस्कृतिक गीत प्रस्तुत किए। सुंदरबन, बंगाल से आए प्रदीप सरदार और चितरंजन प्रमाणिक ने जनगीतों के माध्यम से प्रेम, शांति, एकजुटता और सामाजिक बदलाव का संदेश दिया। 

पदयात्रा में शामिल साथी: आज पदयात्रा में निधि, अलीभा, अनोखेलाल, विद्याधर मास्टर, चितरंजन प्रमाणिक, सदानंद मंडल, , प्रदीप सरदार, देबाशीष, बिस्वजीत गोराई, विष्णु, अनूप कुमार, आसमा आदिवासी, किरण, सिद्धार्थ, चंदन पाल, बिरेन डेका, सतीश मराठा, जितेन नंदी, सोहन चक्रवर्ती, सुसोवन पाल, श्रीनिवासन, विक्रम पाटिल, बिप्लब नायक, अरविंद अंजुम, इस्तियाक, उमेश तुरी, सुशांत मोहंती, संभव, किरण वीर, सतरंजन पाल,  शांतू सरदार, सोमेंद्र, मोहित रणदीप, अबु सुलेमान, जगदीश कुमार और विकास कुमार सहित अन्य पदयात्री शामिल रहे।