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हमारा परिसर सम्मान सहित वापस मिलना चाहिए – सत्याग्रह का 20वां दिन

न्याय के दीप जलाएं- 100 दिनी सत्याग्रह आज सुबह 6 बजे सर्वधर्म प्रार्थना के साथ अपने 20 वें दिन के पड़ाव पर पहुंच गया।झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के निवासी डा सुख चंद्र झा एवं विक्रम आज उपवास पर बैठे हैं। 70 वर्षीय डा सुख चंद्र 16 वर्ष की उम्र में जमशेदपुर आए और टाटा स्टील में काम करने लगे। इसी क्रम में 1977 से 2016 तक समाजवादी ट्रेड यूनियन हिंद मजदूर सभा में सक्रिय रहे। प्रख्यात समाजवादी किशन पटनायक द्वारा स्थापित समता संगठन से भी जुड़ाव बना। बाद के दिनों में समाजवादी जनता पार्टी और जनता दल यू के जिला महामंत्री के रूप में राजनीतिक भूमिका निभाई। 2009 में दलगत राजनीति से मुक्त होकर गांधी शांति प्रतिष्ठान,सर्व सेवा संघ तथा जिला सर्वोदय मंडल से जुड़कर सक्रिय हो गए। टाटा स्टील से अवकाश प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने झारखंड के इतिहास पर शोध कर पीएचडी की उपाधि प्राप्त किया। शोधपत्र पर आधारित हिंदी व अंग्रेजी में उनकी दो पुस्तके प्रकाशित हो चुकी है। अखबारों और पत्रिकाओं में समय- समय पर लेखन। संप्रति पूर्वी सिंहभूम सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

डा सुख चंद्र ने बताया कि पिछले साल हमारे परिसर को ध्वस्त कर दिया गया। उसके खिलाफ एक साल के बाद हम लोग सत्याग्रह कर रहे हैं । यूपी सरकार से, केंद्र सरकार से, और बनारस प्रशासन से मांग करता हूं कि सबसे पहले तो जनता से, देश से माफी मांगे। सरकार और प्रशासन ने न सिर्फ गांधी, जयप्रकाश और विनोबा, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक विरासत पर हमला किया है। हमे हमारा परिसर सम्मान सहित वापस मिलना चाहिए।

उपवास पर साथी सत्याग्रही विक्रम जमशेदपुर, झारखंड से हैं। । वे सामाजिक कार्यकर्ता हैं और बहुत सारे सामाजिक मुद्दों पर ग्रामीण क्षेत्र और शहरी क्षेत्र के स्लम एरिया में कार्यरत रहे हैं।विक्रम नाट्य विधा के जरिए भी समाज को संवेदनशील बनाने में सक्रिय हैं। वे महसूस करते हैं कि समाज कार्य के लिए गांधी विचार से जुड़ा होना बहुत जरूरी है। अतः वे गांधी शांति प्रतिष्ठान और सर्वोदय से भी जुड़ गए हैं।

विक्रम यह सोचते हैं कि सरकार गांधी विचार से जुड़े सारी चीजों को मिटाने की कोशिश कर रही है । ऐसी स्थिति में यहां खड़ा होना जरूरी हो जाता है । सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि देश के लिए भी गांधी विचार जरूरी है। यही विचार देश में एकता, अखंडता कायम रखेगी। आए दिन हिंसा और नफरत की घटनाएं हम देख रहे हैं । इससे बचने के लिए जरूरी है कि हम गांधी विचार को बचाए। इसीलिए यहां पर हुए तोड़फोड़ के खिलाफ हम 100 दिन के सत्याग्रह पर बैठे हैं। उसमें एक दिन का हिस्सा बनकर मुझे बहुत ही खुशी महसूस हो रही है। उम्मीद है यह लड़ाई हम जीतेंगे।

आज के सत्याग्रह में संयुक्त किसान मोर्चा,आजमगढ़ के जिला संयोजक राजेश आजाद और दुखहरण राम शामिल होकर एकजुटता प्रकट किया। इस अवसर पर राजेश आजाद ने कहा कि सर्व सेवा संघ परिसर को गिराना एक शर्मशार करने वाली घटना है जिसे फासिस्ट सरकार ने अंजाम दिया है।यह केंद्र सिर्फ पूर्वांचल के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश का वैचारिक केंद्र था। यहां से किताबों के द्वारा ज्ञान का प्रकाश फैलाया जाता था जिसे अंधेरे में बदलने की साजिश की गई है।संयुक्त किसान मोर्चा आजमगढ़ में जमीन के लूट के खिलाफ संघर्ष कर रही है और राजघाट में भी जमीन लूट का प्रयास हुआ है। हम यहां साथ देने के लिए हैं ताकि संघर्ष मजबूत हो और सफलता मिले।

आज के सत्याग्रह में उपवासकर्ताओ के अलावा अमित राजभर,अशोक भारत,राधे सिंह,विद्याधर,तारकेश्वर सिंह,अजय,सुरेश, मो जाहिद, रूपेश,राजेश आजाद,दुखहरण राम आदि शामिल हुए।

विश्वजीत
सत्याग्रह प्रभारी

अरविंद कुशवाह
कार्यक्रम प्रभारी

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