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जब-जब सरकार लोगों के अधिकारों को कुचलने की कोशिश करती है, तब-तब लोगों को सड़क पर उतरना पड़ता है – पदयात्रा का 33वां दिन

बाबरपुर ( इटावा ), उत्तर प्रदेश 
03 नवम्बर 2025

आज पदयात्रा की शुरुआत सुबह 07:30 बजे कान्हा इंटरनेशनल एकेडमी, अजीतमल (औरैया) से हुई। यात्रा दल ने स्थानीय संयोजक एवं व्यवस्थापकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सर्वोदय जगत पत्रिका, गांधी की आत्मकथा “सत्य के प्रयोग” तथा सर्व सेवा संघ द्वारा प्रकाशित नई पुस्तक “आरोपों की आंधी में अडिग गांधी” भेंट की। इसके पश्चात यात्रा बाबरपुर (इटावा) के लिए प्रस्थान की।

अजीतमल, बाबरपुर और औरैया बाज़ार में पदयात्रियों ने गीतों और नारों के माध्यम से जनता तक पदयात्रा का संदेश पहुंचाया। गीत का बोल था – “जिंदाबाद, जिंदाबाद।”

यात्रा जब औरैया–इटावा बॉर्डर पर पहुँची, तो औरैया के वरिष्ठ साथी श्रीधर मखलू पाण्डेय (वरिष्ठ नेता), सरिता दोहरे (जिला अध्यक्ष), प्रवीण गुप्ता (जिला प्रवक्ता), आनंद कुशवाहा (वरिष्ठ पत्रकार), शैलेन्द्र प्रजापति (वार रूम इंचार्ज), मयंक सिंह सिसोदिया (व्यापारी, बाबरपुर), मयंक (फ्रंटल टीम) और अन्य साथियों ने पदयात्रियों का स्वागत किया और सम्मानपूर्वक उन्हें बॉर्डर तक साथ लेकर गए। औरैया टीम की ओर से पदयात्रियों को कलम और डायरी भेंट की गई।

श्रीधर मखलू पाण्डेय ने विदाई देते हुए कहा, “यह हमारे लिए खुशी की बात है कि हमें इस ऐतिहासिक यात्रा का स्वागत करने का अवसर मिला। यह यात्रा देश में नई अलख जगाएगी। हम यात्रा के उद्देश्यों की सफलता की कामना करते हैं।”

महिला नेत्री सरिता दोहरे ने कहा, “महिलाओं की भागीदारी इस यात्रा को और मजबूत बनाती है। आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी हैं, वे अपने अधिकारों को जानती हैं और अपनी विरासत को बचाने के लिए सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटतीं। यह यात्रा उसी जागरूकता का प्रतीक है।”

सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल ने कहा, “औरैया जिले में हमें जो स्नेह और सम्मान मिला, वह अविस्मरणीय है। हम औरैया के लोगों को हमेशा स्मरण में रखेंगे। हम चाहेंगे कि जब यह यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुँचे, तब औरैया के साथी दिल्ली बॉर्डर पर हमसे जुड़ें और यात्रा को और मजबूती प्रदान करें।” यात्रा दल की ओर से औरैया के आयोजकों को गांधी की आत्मकथा “सत्य के साथ मेरा प्रयोग” भेंट की गई।

यात्रा आगे बढ़कर अनंतराम बाजार पहुँची, जहाँ पदयात्रियों ने जनता को बताया कि यह यात्रा संविधान, लोकतंत्र, सद्भावना और हमारी विरासत की रक्षा के लिए निकाली गई है। संयोजक नंदलाल मास्टर ने कहा, “आज की सरकार इतनी गैर-जिम्मेदार हो गई है कि उसने सबसे पहले शिक्षा पर हमला किया – केवल उत्तर प्रदेश में 35,000 स्कूल बंद करने की घोषणा की। युवाओं को रोजगार देना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन यह सरकार उस जिम्मेदारी को निभाने में विफल रही है। सरकार मजहब, भाषा और रंगभेद के नाम पर लोगों को आपस में लड़वा रही है। ऐसी सरकार हमें मंजूर नहीं।”

इसके बाद नंदलाल मास्टर ने गीत प्रस्तुत किया – “ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के।”

इसके बाद यात्रा शुक्ला मार्केट, पुराना चौराहा, महेवा पहुँची, जहाँ अरविंद अंजुम, मंत्री, सर्व सेवा संघ ने कहा,“सरकार इतनी तानाशाह हो गई है कि वह संविधान को बदलना चाहती है। यह देश में नागपुर का नहीं, गांधी का, अंबेडकर का, फूले और पेरियार का संविधान चलेगा। आज हमारा लोकतंत्र और संविधान खतरे में हैं। हमारी यात्रा इस तानाशाही सत्ता के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। जब यह यात्रा सफल होगी, तब संविधान, लोकतंत्र और सद्भावना की भी सफलता होगी।” उन्होंने आगे कहा, “सरकार ने देश को दो हिस्सों में बाँट दिया है मजहब, भाषा और जाति के नाम पर। हमें सजग होना होगा, एकजुट होना होगा और सड़कों पर उतरना होगा। क्योंकि जब-जब संसद की व्यवस्था बिगड़ी है, तब-तब उसे सड़कों पर उतरकर ही सुधारा गया है।”

महेवा और टीलटीला में स्वागतकर्ता:
आशुतोष दीक्षित (जिला अध्यक्ष, इटावा), अनिल यादव, रणवीर सिंह यादव (ब्लॉक अध्यक्ष, भरथना), अनुराग कर्ण (जिला सचिव), अखिलेश पाल (ब्लॉक अध्यक्ष, महेवा), प्रदीप द्विवेदी (सक्रिय कार्यकर्ता), सत्यम कुशवाहा (कार्यकर्ता), घासी यादव (सक्रिय कार्यकर्ता), राजकुमार यादव (नागरिक)।

यात्रा में शामिल प्रमुख प्रतिभागी:
चंदन पाल, अरविंद कुशवाहा, नंदलाल मास्टर, अरविंद अंजुम, सोमनाथ रोड़े, भूपेश भूषण, सतीश मराठा, गौरांग महापात्रा, ध्रुव भाई, विद्याधर मास्टर, श्यामधर तिवारी, शेख हुसैन, जगदीश कुमार, विकास, मानिकचंद, अनोखेलाल, जोखन यादव, सरिता बहन, सिस्टर फ्लोरीन, अलीभा, अंतर्यामी बराल, सौरभ, गौरव, निधि, प्रवीण, दीक्षा, बृजेश, टैन, सचिन, हेतवी, सत्येंद्र सिंह, देवेन्द्र भाई, सूरज माते, भागीरथी, अमर सिंह, राजकुमार द्विवेदी, राधेश्याम, दिनेश कुमार, दलपत सिंह धुर्वे आदि।

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