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न्याय के दीप जलाएं- 100 दिनी सत्याग्रह का आज चौथा दिन

न्याय के दीप जलाएं- 100 दिनी सत्याग्रह का आज चौथा दिन सुबह 6:00 बजे सर्वधर्म प्रार्थना के साथ प्रारंभ हो गया। आज के सत्याग्रह में उड़ीसा के रायगढ़ा जिले के गौरांग चरण राउत उपवास पर बैठे हैं। गौरांग चरण राउत सर्वोदय के वरिष्ठ कार्यकर्ता होने के साथ-साथ प्राकृतिक चिकित्सक, कवि, लेखक भी है। वे विगत 3 दशकों से उड़ीसा के विभिन्न अंचलों में गांधी विचार के अलख जगाने में लगे हुए हैं। वे वन,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के मानद जिला संरक्षक हैं।गांधीवादी कार्यकर्ता रावत ने बताया की हिंसा, विद्वेष,नफरत को राजनीति का हथियार बनाकर जो सफलता प्राप्त करना चाहते हैं उनकी गिनती इतिहास में नहीं होती है।समाज का निर्माण सतप्रवृत्तियों से होता है, छल प्रपंच या तथाकथित चाणक्य नीति से ने नहीं। गांधी विचार सत्य का विचार है, उसी का पालन करने के लिए और असत्य का प्रतिकार करने के लिए हम सत्याग्रह पर बैठे हैं। यह असत्य सत्य के परिमार्जन तक चलता रहेगा।

आज सर्व सेवा संघ की ओर से यह बताया गया कि राजघाट परिसर को हड़पने का षड्यंत्र 16 जनवरी 2023 से प्रारंभ होता है। इसी तारीख को मोइनुद्दीन एवं ग्रामवासी की ओर से उप जिलाधिकारी जयदेव सी एस को एक आवेदन दिया गया जिसमें यह मांग की गई थी कि भू -अभिलेखों में नाम मलिकान कॉलम में त्रुटिवश नॉर्दर्न रेलवे की जगह सर्व सेवा संघ का नाम दर्ज हो गया है। अतः इस त्रुटि को दूर करते हुए सर्व सेवा संघ की जगह नॉर्दर्न रेलवे का नाम अंकित किया जाय। इस आवेदन पर उप जिलाधिकारी ने आनन- फानन में जांच का आदेश दे दिया जबकि आवेदनकर्ता की पहचान भी संदिग्ध है।न तो इसमें कोई पता दिया गया है, न कोई मोबाइल नंबर है और न ही किसी का आधार नंबर। एक अज्ञात पत्र पर त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य सर्व सेवा संघ की जमीन को येन केन प्रकरण कब्जा करने के अलावा और कुछ भी नहीं था।

मोइनुद्दीन नामक व्यक्ति की पहचान आज तक नहीं हुई है। सवाल यह भी उठना है कि किसी साधारण व्यक्ति को इस बात से क्या मतलब है कि नॉर्दर्न रेलवे की जगह सर्व सेवा संघ का नाम दर्ज हो गया है। यह सारी जानकारियां उसने क्यों और कैसे जुदाई तथा ऐसी शिकायत करने के पीछे किसी साधारण व्यक्ति का क्या उद्देश्य हो सकता है? ग्रामवासी के रूप में भी अन्य किसी भी व्यक्ति का नाम या हस्ताक्षर तक नहीं है।इसलिए सर्व सेवा संघ को यह प्रतीत होता है कि वाराणसी प्रशासन ने अपने षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए एक मनगढ़ंत व्यक्ति के रूप में मोइनुद्दीन के नाम का इस्तेमाल किया है।

एकजुटता जाहिर करने के लिए आज मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पांडे आज सत्याग्रह स्थल पहुंचे।

श्रीमती कृष्णा मोहंती, राम धीरज, गौरांग महापात्र, अरविंद कुशवाह, मिहिर प्रताप दास, राबिया बेगम, सुरेंद्र नारायण सिंह, अरविंद अंजुम, अंतर्यामी बरल, निलेंद्री साहू,चूड़ामणि साहू,अशोक भारत,जागृति राही, आदि भी सत्याग्रह पर बैठे हैं।

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