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एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा – 21वां दिन

वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक
बंथरा लखनऊ | 22 अक्टूबर, 2025

आज पदयात्रा के 21वें दिन सुबह 10 बजे से 11 बजे तक सभी पदयात्रियों की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पदयात्रा को और अधिक प्रभावशाली बनाने के विषय पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इस बैठक में कई सकारात्मक सुझाव प्राप्त हुए। इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए आज की पदयात्रा के संचालन के लिए एक समिति गठित की गई, जिसमें महाराष्ट्र से ज्ञानेंद्र कुमार, झारखंड से दीक्षा, मध्य प्रदेश से संजना और उड़ीसा से अनिल शामिल हुए। आज की पदयात्रा का नेतृत्व इस संचालन समिति द्वारा किया गया।

यात्रा के प्रारंभ से पहले हीरालाल यादव पब्लिक स्कूल के प्रबंधक एवं रात्रि विश्राम के आयोजक श्री राम सिंह यादव ने सभी पदयात्रियों का माला पहनाकर स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “आप सभी बहुत महान उद्देश्यों के लिए निकले हैं। इस प्रकार का पराक्रम बिना निष्ठा के संभव नहीं है।” उन्होंने यात्रा की सफलता की कामना करते हुए सभी को शुभकामनाओं सहित विदा किया। इसी अवसर पर विद्यालय परिसर में स्थापित गांधीवादी हीरालाल यादव की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया गया।

दोपहर के विश्राम के समय बंथरा सिकंदरपुर में उन्नाव के सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनकवि श्री दिनेश प्रियमन ने पदयात्रा को समर्पित एक गीत प्रस्तुत किया —“आज़ादी के बाद कहां से कहां आ गए हम।”

बंथरा में स्थानीय लोगों ने पदयात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष श्री चंदन पाल ने कहा कि “देश के सामने अनेक प्रकार की चुनौतियाँ हैं और लोकतंत्र तथा संविधान खतरे में हैं। संविधान को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के समय संविधान बदलने की बातें जोर-शोर से की गईं, लेकिन जनता ने सरकार के इरादों पर पानी फेर दिया।” उन्होंने आगे कहा कि “देश के युवा बड़ी संख्या में बेरोजगार हैं और उनका भविष्य अनिश्चित है। सरकार के पास रोजगार की कोई ठोस योजना नहीं है। स्थानीय स्तर पर रोजगार न मिलने के कारण लोग अपने क्षेत्रों से पलायन करने को मजबूर हैं। बेरोजगारी का समाधान तभी संभव है जब एक न्यायसंगत, समानतामूलक अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जाए।” उन्होंने आगे  कहा कि “यह पदयात्रा संविधान, सद्भाव, लोकतंत्र और विरासत की रक्षा के लिए है। यद्यपि इस यात्रा का आयोजन सर्व सेवा संघ ने किया है, परंतु यह कार्यक्रम पूरे समाज का है।”

सर्व सेवा संघ के मंत्री अरविंद अंजुम ने कहा कि “आर.एस.एस. और इससे प्रेरित संगठनों का लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। वे लोकतांत्रिक अवसरों का उपयोग कर स्वयं लोकतंत्र को नष्ट करना चाहते हैं। वर्तमान सरकार अपने दमनकारी रवैये से लोकतंत्र को कमजोर करने में लगी है। भारत के संविधान ने नागरिकों को मताधिकार देकर उन्हें सशक्त बनाया है, किंतु वर्तमान सरकार इसी अधिकार को समाप्त करने का प्रयास कर रही है। इसलिए संविधान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है।”

बबलू सिंह ने यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि “हम आपकी यात्रा के उद्देश्यों के साथ खड़े हैं। पदयात्रा एक कठिन कार्य है, और आज के संसाधन-संपन्न युग में आपका यह प्रयास अनुकरणीय है।”


स्वागत समारोह में इप्टा (इंडियन पीपल्स थियेटर एसोसिएशन) के कार्यकारी अध्यक्ष राकेश ने पदयात्रा को अपना हार्दिक समर्थन व्यक्त किया। इप्टा की ओर से कुलदीप और दीपक कबीर ने गीत प्रस्तुत किया —“अमन के हम रखवाले, सब एक हैं, एक हैं; हम जीतेंगे, और मिल के चलो।”

 आज के यात्रा में शामिल होने वाले प्रमुख प्रतिभागी : सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल, मंत्री अरविंद कुशवाहा एवं अरविंद अंजुम, सर्वोदय समाज के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ रोड़े, जागृति राही, ईश्वरचंद्र, विद्याधर मास्टर, श्यामधर तिवारी, जगदीश कुमार, विकास, मोहन दीक्षित, मानिकचंद, अनोखेलाल, जोखन यादव, सरिता बहन, सिस्टर फ्लोरीन, अलीभा, अंतर्यामी बराल, सौरभ, गौरव, विवेक मिश्र, बृजेश, टैन, राहुल, सचिन, अनूप आचार्य, उदय, अफाक, लाल प्रकाश राही, शिवांशु, संजना, खुशी, श्रेया, शुभावती, सेराज अहमद, बीरेंद्र कुमार यादव, बसंत कुमार रावत, उदय नायक, अनिल नायक, दलगोविंद नायक, अशोक विश्वराय, ज्ञानेंद्र, धनंजय और इंदु , अनु , रुद्र दमन , महिप सिंह, खन्नू भईया,गणेशी आदि शामिल रहे।

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