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यह लड़ाई नागरिक की है, नैतिकता की है और निर्भय होकर लोगों को निर्भय बनाने की है – पदयात्रा का 37वां दिन

07 नवम्बर 2025
उखरैण्ड, सिरसागंज, फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश)

“यह लड़ाई नागरिक की है, नैतिकता की है और निर्भय होकर लोगों को निर्भय बनाने की है।” – राम धीरज

आज दिनांक 7 नवंबर को ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा अपने 37वें दिन प्रातः 8:40 बजे रणवीर सिंह श्याम सिंह पी. जी. कॉलेज, उखरैण्ड, सिरसागंज से प्रारंभ हुई। यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व स्थानीय आयोजक हरिशंकर यादव (कॉलेज प्रबंधक), सुनील यादव (प्राचार्य), अवधेश यादव (पूर्व CDO), एवं उमेश यादव (प्रबंधक) ने पदयात्रियों को बैज पहनाकर विदाई दी। उन्होंने यात्रा के उद्देश्यों को सफल होने की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि “हम आपके साथ हैं, दिल्ली में भी आपसे जुड़ेंगे।”

आगे चलकर इटावा रोड, सिरसागंज, फिरोजाबाद में पदयात्रियों का स्वागत किया गया। स्वागत उपरांत पदयात्रा के साथी टैन ने यात्रा की प्रस्तावना लोगों के सामने रखी। उन्होंने बताया कि यह यात्रा बनारस के राजघाट से दिल्ली के राजघाट तक लगभग 1000 किलोमीटर की है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों और संगठनों से जुड़े लोग शामिल हैं, तथा इसकी अगुवाई सर्व सेवा संघ कर रहा है।

पदयात्रा के साथी सचिन द्वारा “जय जगत पुकारे जा” गीत प्रस्तुत किया गया। इसके बाद विद्याधर मास्टर ने कहा कि “यह दौर हवाई जहाज़ का है, लेकिन ऐसी कौन-सी वजह है जो देश के 19 प्रांतों के लोगों को 1000 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर कर रही है?” उन्होंने कहा कि संविधान लागू होने के बाद भले ही असमानता रही हो, लेकिन हर नागरिक भारत का मालिक बना। यदि लोकतंत्र में नागरिक भयभीत है, तो वह वास्तविक नागरिक कहलाने योग्य नहीं। लोकतंत्र की रक्षा हम सबको मिलकर करनी होगी, अन्यथा देश का भयावह रूप देखने को मिलेगा।

हरिशंकर यादव ने कहा कि “इस यात्रा में चल रही महिलाओं, युवाओं और अनुभवी बुजुर्गों को मैं सलाम करता हूँ। इन्होंने जनता की पीड़ा महसूस की और गांधी के विचारों व साहित्य के साथ यह यात्रा प्रारंभ की।” इस यात्रा में हर जाति, धर्म, संप्रदाय और भाषा के लोग शामिल हैं, जो अपनी सुबह सर्वधर्म समभाव के साथ प्रारंभ करते हैं।

पदयात्रा की संयोजक राम धीरज ने कहा कि “हम यह यात्रा संविधान को बचाने, लोकतंत्र को बचाने, और सरकार द्वारा बनाए गए नफ़रत के माहौल के स्थान पर प्रेम का वातावरण स्थापित करने के लिए कर रहे हैं। जिन लाखों युवाओं और महिलाओं ने कुर्बानी देकर आज़ादी दिलाई, उन्हें यह सरकार तानाशाही रवैये से रौंद रही है, जो देश बर्दाश्त नहीं करेगा। यह लड़ाई सबकी है – किसानों की, मज़दूरों की, युवाओं की और महिलाओं की। यह लड़ाई नागरिक की है, नैतिकता की है और निर्भय होकर लोगों को निर्भय बनाने की है।”

आज के दिन के पड़ाव की आयोजक सुमति यादव ने यात्रा का स्वागत किया। उनके साथ लक्ष्मीकांत भप्ती यादव, नीरज यादव, उमेश चंद्र यादव एवं अनिरुद्ध कुमार उपस्थित रहे। यात्रा की ओर से क्षेत्रीय आयोजकों को गांधी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ भेंट की गई।

शाम में पदयात्रा गांधी आश्रम पहुँची, जहाँ पदयात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। रात्रि विश्राम शिकोहाबाद स्थित रामनिवास अतिथि गृह में रहा।

यात्रा में शामिल प्रमुख प्रतिभागी:

चंदन पाल, अरविंद कुशवाहा, रामधीरज, अरविंद अंजुम, भूपेश भूषण, सोमनाथ रोड़े, दशरथ कुमार, प्रो. मोदानी, सतीश मराठा, ध्रुव भाई, विद्याधर मास्टर, श्यामधर तिवारी, जगदीश कुमार, विकास, मानिकचंद, अनोखेलाल, जोखन यादव, सरिता बहन, सिस्टर फ्लोरीन, अलीभा, अंतर्यामी बराल, सौरभ, गौरव, निधि, विवेक मिश्र, प्रवीण, दीक्षा, बृजेश, टैन, सचिन, देवेंद्र भाई, विशाल जैन, अखिलेश यादव, अर्जुन, हिमेंद्र आदि।

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