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लोकतंत्र सिर्फ व्यवस्था ही नहीं संस्कृति भी है – सत्याग्रह का 42वां दिन

न्याय के दीप जलाएं- 100 दिनी सत्याग्रह आज अपने 42 वें पायदान पर पहुंच गया है. सत्याग्रह के क्रम में आज मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के महेश भाई चौधरी उपवास पर बैठे हैं।आज उपवास में शामिल होने के लिए पश्चिमी चंपारण एवं मध्य प्रदेश के छतरपुर से साथी आ गए हैं। महेश भाई 1978 में अपने गांव में स्थित आश्रम के सूत्रधार बनवारी लाल चौधरी की प्रेरणा से कस्तूरबा ग्राम, इंदौर में कृषि एवं पशुपालन प्रशिक्षण के लिए गए। इसके बाद कस्तूरबा ग्राम में चार वर्षों तक गोपालन का कार्य किया। इसके उपरांत वे होशंगाबाद स्थित नर्मदा महाविद्यालय में प्रयोगशाला सहायक के रूप में नियुक्त किए गए। 2020 में अवकाश प्राप्त करने के बाद वे पुनः गांधी प्रवाह में शामिल हो गए। सर्व सेवा संघ परिसर के विध्वंस के खिलाफ और पुनरनिर्माण के लिए जो सत्याग्रह चल रहा है उसमें आज उपवास पर है।

महेश भाई मानते हैं कि सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए हमें एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। हम उम्मीद करते हैं कि जिन्होंने इस सात्विक परिसर को गिराया है वही इसका निर्माण भी करेंगे। इन्होंने हमारे वैध रजिस्ट्री को झूठा बताकर हमारे पुरखों का अपमान किया है और संपत्ति का विनाश किया है। हम सत्याग्रह के द्वारा सरकार और शासन की सद्बुद्धि की कामना करते हैं।

सत्याग्रह स्थल से सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल ने वक्तव्य जारी कर कहा कि अकोला, महाराष्ट्र में भारत जोड़ो अभियान के प्रमुख योगेंद्र यादव, महाराष्ट्र की संयोजक उल्का महाजन तथा सह संयोजक संजय मंगला गोपाल के साथ कुछ उपद्रवी राजनैतिक कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया दुर्व्यवहार दुखद है।यह लोकतांत्रिक परंपराओं पर आघात है। महाराष्ट्र की जनता एवं देश भर के लोकतांत्रिक शक्तियों से अपील करते हैं कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आए। लोकतंत्र सिर्फ व्यवस्था ही नहीं संस्कृति भी है और ऐसे आचरण वर्चस्ववाद को जन्म देते है। हमे ऐसी प्रवृत्तियों एवं व्यवहार को फैलने से रोकना है।

आज के सत्याग्रह में अलख भाई, रविंद्र सिंह चौहान, चंदन पाल, पूनम, जागृति राही, सिस्टर फ्लोरिन,अनूप श्रमिक, ध्रुव भाई, तारकेश्वर सिंह, सुरेंद्र नारायण सिंह, चारु, पूजा, महेंद्र कुमार, सुरेश, शक्ति कुमार, विद्याधर, अनिल कुमार, धीरज, धीरज कुमार राम, पंकज, नंदलाल मास्टर, अशोक भारत, सत्यनारायण प्रसाद, अरविंद अंजुम आदि शामिल हुए।

रामधीरज

सर्व सेवा संघ

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