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महात्मा गांधी भारत के शुद्ध अंतःकरण की औपचारिक अभिव्यक्ति हैं – पदयात्रा का 46वां दिन

मथुरा ज़िला, 3 नवम्बर 2025

“महात्मा गांधी भारत के शुद्ध अंतःकरण की औपचारिक अभिव्यक्ति हैं।” – मधुबन दत्त चतुर्वेदी

2 अक्टूबर को राजघाट, बनारस से संविधान, लोकतंत्र, सद्भावना और बंधुत्व का संदेश लेकर आरम्भ हुई ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा आज अपने 46वें दिन अरसेना, आगरा से सुबह 8 बजे शुरू हुई। शुरुआत से पहले स्त्री आयोजकों को गांधी की आत्मकथा – सत्य के प्रयोग तथा ‘आरोपों की आंधी में अडिग गांधी’ पुस्तकें भेंट की गईं। आगरा–मथुरा बॉर्डर पार करने के बाद पदयात्रा दोपहर विश्राम के लिए हिंदुस्तान इंजीनियरिंग कॉलेज में रुकी।

विश्राम के बाद पदयात्रा दोपहर 2 बजे पुनः प्रारम्भ हुई और फरह होते हुए मथुरा ऑयल रिफ़ाइनरी पहुँची। पदयात्रियों ने पूरे रास्ते में पर्चों और सभाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों से संवाद किया, पदयात्रा के उद्देश्य बताए, साम्प्रदायिक ताकतों के प्रति आगाह किया और सभी स्थानीय साथियों से यात्रा में जुड़ने की अपील की।

इस दौरान सर्व सेवा संघ के मंत्री अरविंद अंजुम ने कहा कि यह यात्रा संविधान, लोकतंत्र और हमारी विरासत को बचाने के लिए निकली है। आज जब धर्म के नाम पर नफ़रत और धार्मिक राष्ट्र की नींव रखने की बात की जा रही है, तो हम उसका समर्थन नहीं कर सकते, क्योंकि यह देश सभी धर्मों के लोगों का है। बनारस से आए सुरेश भाई और उनकी टीम ने गीत प्रस्तुत किए, जिनके बोल थे- “गाएगा गाएगा जमाना गाएगा, गीत एकता के जमाना गाएगा।”

पदयात्री विद्याधर मास्टर ने कहा कि आज देश में ऐसी यात्राएँ चलाई जा रही हैं जो कट्टर धर्मवाद और धार्मिक राष्ट्र की विचारधारा को बढ़ावा देती हैं। ऐसी कोई भी यात्रा देश के हित में नहीं हो सकती, क्योंकि यह देश को बांटने का काम करती हैं।

यात्रा रात 8 बजे श्री उत्सव हेरिटेज पहुँची, जो बाद गाँव में स्थित है। यहाँ मथुरा के आयोजकों द्वारा पदयात्रा का आतिथ्य व स्वागत किया गया।

इस अवसर पर स्थानीय आयोजक मधुबन दत्त चतुर्वेदी ने कहा-“महात्मा गांधी भारत के शुद्ध अंतःकरण की औपचारिक अभिव्यक्ति हैं। आज ‘विश्व गुरु’ बनाने के विचार में विस्तारवाद और आक्रामकता है, जबकि गांधीजी के राष्ट्रवाद में जगत का कल्याण निहित है, और उसी में भारत की भूमिका भी दिखाई देती है। गांधी का विचार जोड़ने और सृजन का था। जिस संकल्प के साथ आप लोग यात्रा पर निकले हैं, आशा है यह यात्रा सफल होगी।”

स्थानीय स्वागतकर्ता:

पेट्रोलियम वर्कर्स रिफाइनरी यूनिट के अध्यक्ष, मधुबन दत्त चतुर्वेदी;एडवोकेट महामंत्री जनक; गरीबदास; दिलीप दुबे; मुंशीलाल; उत्कर्ष चतुर्वेदी (जिला मंत्री, CPI(ML)); शिव दत्त चतुर्वेदी; वैद्य मनोज गोंड; मुकेश धनगर; सुरेश शर्मा; विवेक मथुरिया आदि

यात्रा में शामिल प्रमुख प्रतिभागी:

चंदन पाल, रामधीरज, अरविंद अंजुम, भूपेश भूषण, सोमनाथ रोड़े, सतीश मराठा, आसमा, विद्याधर मास्टर, श्यामधर तिवारी, जगदीश कुमार, विकास, मानिकचंद, जोखन यादव, सरिता बहन, सिस्टर फ्लोरीन, अलीभा, अंतर्यामी बराल, सौरभ, सूर्योगी, निधि, विवेक मिश्र, बृजेश, टैन, सचिन, दीक्षा, प्रवीण, ज्योति, सपना, पूजा, प्रियंका, नेहा, आरती, मुस्तफा, पूनम, साधना, रश्मिन भाई, अनुप्रिया, नीता, पूजा, आंचल, हेमलता, संध्या, श्रीनिवासन, सौरभ भाई, मोहन भाई, सुरेश भाई, विष्णु कुमार, आसमा, संजना, नीरज, प्रियेश, विवेक यादव, अनीता, आशा राय, मनीषा, आशा रानी, बेबी, सीमा, नीलम, मैनव, सुनील मास्टर, विपिन, रमाकांत।

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