18 नवम्बर 2025
बंगाली घाट, मथुरा, उत्तर प्रदेश
“पूरा भारत हमारा परिवार है और परिवार प्रेम से चलता है, नफरत से नहीं।” – राम धीरज
“वृंदावन में नफ़रत फैलाने के लिए नकली हिंदुओं की यात्रा आई थी, जबकि हमारी ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा मोहब्बत का पैग़ाम लेकर निकली है।” – चंद्रमोहन
आज पदयात्रा का 48वां दिन था । मथुरा के बंगाली घाट से यात्रा आगे बढ़ी और जाकर विश्राम घाट पहुंची, जहां नंदलाल मास्टर ने गीत प्रस्तुत किया और यात्रा के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि यह यात्रा संविधान, सद्भावना, एकता, लोकतंत्र और विरासत को बचाने के लिए है। देश में लगातार सरकारों द्वारा धर्म के नाम पर लोगों को बांटा जा रहा है। इसके बाद सभी पदयात्रियों ने यमुना पूजन किया और गंगा–जमुनी संस्कृति को याद करते हुए धार्मिक एकता की बात कही।
किसान आंदोलन के शीर्ष नेता डॉ. सुनीलम ने कहा कि हमें नदियों को बचाना चाहिए और उनका संरक्षण बेहद जरूरी है।
यात्रा के संयोजक राम धीरज ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि यमुना की सफाई की जाए, क्योंकि किसी भी क्षेत्र की जीवनधारा उस क्षेत्र में बह रही नदी पर निर्भर रहती है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस शहर अध्यक्ष यतेंद्र चतुर्वेदी और राजन पाठक हमारे साथ थे।
आगे चलकर यात्रा वृंदावन अटला चुंगी हनुमान तिराहा के पास पहुंची, जहां यात्रा गीत प्रस्तुत किया गया और रुककर पर्चे बांटे गए। वृंदावन गांधी पार्क में आज सभा का आयोजन हुआ, जहां शहर के लोग पहुंचे, और इस सभा का आयोजन शहर कांग्रेस कमेटी ने किया था।
सबसे पहले यात्रा के संयोजक नंदलाल मास्टर ने यात्रा के उद्देश्य को रखते हुए कहा कि यह यात्रा संविधान, लोकतंत्र, सद्भावना और विरासत को बचाने के लिए है। यह समाज में नफरत की राजनीति करने वाले लोगों के खिलाफ यात्रा है। नफरत के खिलाफ हम आवाज उठाएंगे, और इसी का प्रतीक हमारे गीत हैं -प्रस्तुत गीत के बोल थे: “हम जुल्मतों से देश को आज़ाद कराएंगे।”
राम धीरज ने कहा कि यह देश हमारा परिवार है, और परिवार प्रेम से चलता है, नफरत से नहीं। इस देश में हर धर्म, हर संप्रदाय, हर जाति के लोग रहते हैं, और फिर भी यह देश उनके अधिकारों की रक्षा करता है क्योंकि इसकी संरचना धर्मनिरपेक्ष है। एक दिन पहले यहां जो यात्रा आई थी, वह नफरत के इरादे से इस प्रेम की नगरी में आई थी।
सर्व सेवा संघ के मंत्री अरविंद अंजुम ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मैं इस सभा के आयोजकों -दीपक भाई और शहर कांग्रेस कमेटी का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने सभा का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि हम अपनी विरासत को बचाने के लिए यह यात्रा निकाल रहे हैं। हम आजादी के आंदोलन की विरासत को भूल नहीं सकते। यह विरासत अंबेडकर, गांधी और सुभाष की है। हम इस यात्रा के माध्यम से देश की साझी विरासत और साझी शहादत को सम्मान दे रहे हैं और इसे आगे बढ़ा रहे हैं।
किसान नेता डॉ. सुनीलम ने कहा कि यह यात्रा देश में अभय का प्रतीक है। अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें सरकार से डर नहीं है और जो लगातार अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। इस यात्रा का नाम ‘एक कदम गांधी के साथ’ इसलिए है क्योंकि गांधी मजबूती, अहिंसा और देश की एकता के प्रतीक हैं।
सिस्टर फ्लोरीन ने कहा कि देश ऐसा होना चाहिए जहां सभी लोग रह सकें। लेकिन आज देश को एक धर्म के आधार पर देखने की कल्पना की जा रही है- संघ और सरकार की ओर से। इस व्यवस्था में पिसने वाले लोग गरीब होंगे, क्योंकि हिंदू राष्ट्र से फायदा कुछ लोगों को ही होगा, बाकी लोग कहां जाएंगे?
सर्व सेवा युवा प्रकोष्ठ संयोजक भूपेश भूषण ने लोगों से अपील की कि 25 तारीख को दिल्ली आएं-अब दिल्ली दूर नहीं। इसके साथ ही जगदीश, प्रियेश, जगमोहन, आसमा ने अपनी बात रखी।
दीपक पाराशर ने यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा हम सबके लिए साहस का प्रतीक है। आज यह सरकार अपनी हठधर्मिता और हिटलरशाही रवैया अपनाते हुए संविधान और लोकतंत्र पर खतरा बन रही है। लेकिन गांधी के लोग अभी भी मजबूती से देश की जनता को जगाने के लिए इस यात्रा पर निकले हैं।
इसके बाद यात्रा अग्रवाल धर्मशाला, वृंदावन पहुंची, जो आज का रात्रि विश्राम स्थल है।
यात्रा में शामिल प्रमुख प्रतिभागी:
चंदन पाल, रामधीरज, अरविंद अंजुम, भूपेश भूषण, सोमनाथ रोड़े, सतीश मराठा, आसमा, विद्याधर मास्टर, श्यामधर तिवारी, जगदीश कुमार, विकास, मानिकचंद, जोखन यादव, सरिता बहन, सिस्टर फ्लोरीन, अलीभा, अंतर्यामी बराल, सौरभ, सूर्योगी, निधि, विवेक मिश्र, बृजेश, टैन, सचिन, प्रवीण, आंचल, संध्या, श्रीनिवासन, सौरभ भाई, मोहन भाई, सुरेश भाई, विष्णु कुमार, आसमा, संजना, नीरज, प्रियेश, विवेक यादव, अनीता, आशा राय, मनीषा, आशा रानी, बेबी, सीमा, नीलम, मैनव, सुनील मास्टर, विपिन, रमाकांत, रेवा।
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