06 नवम्बर 2025
मीठेपुर, मैनपुरी, फ़िरोज़ाबाद, उत्तर प्रदेश
‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा अपने 36वें दिन सुबह 7 बजे बचपन प्ले स्कूल, जसवंत नगर, इटावा से रवाना हुई। आगे बढ़ते हुए रामलीला तिराहा, जसवंत नगर, इटावा में आयोजित जनसभा के दौरान यात्रा के संयोजक एवं उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष रामधीरज भाई ने कहा कि गांधी जी ने इस देश को आज़ाद कराया। चाहे भगत सिंह हों या सुभाष चंद्र बोस – सभी ने माना कि गांधी जी इस देश के नेता हैं। आज जिन लोगों का देश की आज़ादी में कोई योगदान नहीं था, और जो उस दौर में मौजूद भी नहीं थे, वही लोग गांधी जी को गालियाँ दे रहे हैं और कह रहे हैं कि देश का बंटवारा गांधी जी ने कराया। हमारा कहना है कि जनता को सही तथ्य जानने और समझने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पहले गांधी जी की शारीरिक हत्या की गई और आज गांधी के विचारों की हत्या की जा रही है। गांधी जी के विचार केंद्र – साबरमती आश्रम, गुजरात विद्यापीठ और विनोबा भावे द्वारा स्थापित सर्व सेवा संघ (राजघाट, बनारस) – जहाँ से गांधी विचारों का प्रकाशन होता था, उसे वर्तमान सरकार ने ध्वस्त कर दिया। यह पदयात्रा लोगों को यह संदेश देने के लिए है कि भारत में सभी को लोकतांत्रिक ढंग से जीने और विचार रखने का अधिकार है। हम विचारों से असहमत हो सकते हैं, पर किसी को जीने का अधिकार न देना अनैतिक, अमानवीय तथा भारतीय संस्कृति के विपरीत है। हम देश में संविधान, लोकतंत्र और विरासत को सुरक्षित रखना चाहते हैं।
यात्रा आगे बढ़कर क्रांतिकारियों की शरण स्थली बिलैया मठ, फक्कड़पुर, जसवंत नगर, इटावा पहुँची जहाँ सभा आयोजित हुई। स्थानीय साथी प्रेम कुमार शाक्य जी ने बताया कि 1857 के स्वाधीनता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों ने रसद सामग्री को अंग्रेजों तक पहुँचने से रोक दिया था, जिसके कारण अंग्रेजों ने हमला किया। कुछ क्रांतिकारी शहीद हो गए और कुछ काला रंग पोतकर बच निकले। पदयात्रियों ने शहीद स्मारक पर जाकर उन्हें नमन किया।
दोपहर का भोजन और विश्राम एस.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन, मीठेपुर, करहल (मैनपुरी) में हुआ। यहाँ से 2:30 बजे यात्रा पुनः प्रारंभ हुई। इससे पूर्व राजस्थान से आए साथी देवेंद्र भाई ने गीत प्रस्तुत किया – “मेरे वतन ओ मेरे वतन तेरे लिए हैं सारे जतन।” तत्पश्चात स्थानीय संयोजक और व्यवस्थापक को पदयात्रा की ओर से सर्वोदय जगत पत्रिका, गांधी जी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ तथा सर्व सेवा संघ द्वारा प्रकाशित पुस्तक “आरोपों की आंधी में अडिग गांधी” भेंट की गई।
रास्ते में पदयात्रा से भूरे सिंह नामक व्यक्ति जुड़े। वे पदयात्रा से अत्यधिक प्रभावित हुए और उन्होंने कठफोरी (फ़िरोज़ाबाद) में पुल के नीचे सभा करवाई। उन्होंने सभी पदयात्रियों को स्वेच्छापूर्वक चाय पिलाई और सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि “आप लोग अत्यंत सराहनीय कार्य कर रहे हैं। गांधी के विचार आज के समय में बहुत महत्वपूर्ण हैं और आप सभी उसे लोगों तक पहुँचा रहे हैं।” भूरे सिंह शाम तक पदयात्रा के साथ रहे।
आगे बढ़ते हुए मुख्य चौराहा, कठफोरी में जनता के बीच देवेंद्र भाई ने एक और गीत प्रस्तुत किया — “जान जाए तो जाए पर मेरे हक न जाए।”
पदयात्री सचिन (राष्ट्रीय युवा संगठन सदस्य) ने कहा कि यह यात्रा संविधान, लोकतंत्र, आज़ादी और अधिकारों की रक्षा के लिए चल रही है। सरकार को यह बताना है कि हम हारे नहीं हैं, हम लड़ेंगे और जीतेंगे। आज की सरकार मज़हब और भाषा के नाम पर समाज को बांट रही है। यह संघ के नाम पर हिंसा फैलाने वालों को खड़ा कर रही है। हम एकता, शांति और गांधी के मार्ग पर चलने वाले लोग हैं। नफ़रत और हिंसा को रोकने की ज़िम्मेदारी हम सबकी है। मेहनतकश लोग – मज़दूर, युवा, किसान, छात्र ही देश का भाग्य बदलते हैं। इसलिए अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएँ और इस यात्रा से जुड़ें। यह यात्रा किसी राजनीतिक दल की नहीं है; यह सर्व सेवा संघ की यात्रा है जो गांधी सर्वोदय विचार पर आधारित संस्था है। राजघाट, बनारस स्थित आश्रम को इस तानाशाही सरकार ने तोड़वा दिया, जहाँ 1.5 लाख किताबें थीं जिन्हें बाहर फेंक दिया गया। हम आज नालंदा और तक्षशिला की बात करते हैं, जहाँ ज्ञान ध्वस्त किया गया था । आज वही इतिहास दोहराया जा रहा है।
इसके बाद यात्रा गुराऊ टोल प्लाज़ा, फ़िरोज़ाबाद पहुँची जहाँ मीनाक्षी सिंह (फाउंडर – हैप्पीनेस सेंटर, चंबल) और साथियों ने स्वागत किया। सुमति यादव (सामाजिक कार्यकर्ता) ने भी उखरैण्ड से पहले अपने साथियों के साथ स्वागत किया।
रात्रि विश्राम रणवीर सिंह श्याम सिंह पी.जी. कॉलेज, उखरैण्ड, फ़िरोज़ाबाद में हुआ।
स्थानीय संयोजक/व्यवस्थापक:
आशीष गुप्ता (प्राचार्य), प्रेमपाल सिंह, विनोद कुमार, राजीव कुमार, श्याम बिहारी मिश्रा, रेनु यादव, सतीश जी, रणधीर सिंह, पुष्पेंद्र जी, विनेश (प्रधान – उखरैण्ड/शिवसागर, फ़िरोज़ाबाद), उमेश सिंह यादव (डायरेक्टर, RSS कॉलेज), डॉ. गगनदीप सिंह (HOD), सुधीर राजपूत (प्रवक्ता), विमल कुमार (ऑफ़िस सुपरिटेंडेंट), पवन शर्मा (पत्रकार), मीनाक्षी (फाउंडर – हैप्पीनेस सेंटर, चंबल)
यात्रा में शामिल प्रमुख प्रतिभागी:
चंदन पाल, अरविंद कुशवाहा, रामधीरज, अरविंद अंजुम, भूपेश भूषण, सोमनाथ रोड़े, दशरथ कुमार, प्रो. मोदानी, सतीश मराठा, ध्रुव भाई, विद्याधर मास्टर, श्यामधर तिवारी, जगदीश कुमार, विकास, मानिकचंद, अनोखेलाल, जोखन यादव, सरिता बहन, सिस्टर फ्लोरीन, अलीभा, अंतर्यामी बराल, सौरभ, गौरव, निधि, विवेक मिश्र, प्रवीण, दीक्षा, बृजेश, टैन, सचिन, देवेंद्र भाई, विशाल जैन, अखिलेश यादव, अर्जुन, हिमेंद्र आदि।
2 अक्टूबर को राजघाट, बनारस से संविधान, लोकतंत्र, सद्भावना और विरासत को बचाने के संदेश…
25 नवम्बर 2025राजघाट, दिल्ली राजघाट, बनारस से निकली ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा 55वें…
दिन–54 | 24 नवम्बर 2025फरीदाबाद (हरियाणा) “पदयात्रा के अंतिम पड़ाव में देशभर से बड़ी संख्या…
23 नवम्बर 2025पृथला, पलवल, हरियाणा “इस देश के सोए हुए लोगों को जगाने के लिए…
22 नवम्बर 2025होडल, पलवल, हरियाणा आज इस देश को बाय द कैप्टलिस्ट, फॉर द कैप्टलिस्ट…
21 नवम्बर 2025होडल, हरियाणा “स्वतंत्रता हमें 1947 में मिली थी, लेकिन हम स्वराज के लिए…